Tuesday, September 1, 2015

वर्तमान घटनाक्रम पर प्रस्तुत हैं कुछ हाइकु।

1. हीरे सी लगे
  ग्लैमर की दुनिया
   कांच ही कांच

2 दौड़ते लोग
  उपभोक्तावाद में
   मज़िल नहीं

3 काले चेहरे
   सफेदपोश लोग
   टूटते रिश्ते

4 पैसों की भूख
  रिश्ते बने मजाक
   हुआ व्यापार

5 कलयुगी माँ
बेटी बनी दुश्मन
पैसा ही दोस्त

6 खुली  परतें
  चेहरा बेनकाब
   झूठ ही झूठ

   मंजुश्री

Sunday, February 22, 2015


दो हायकू  आज की महिलाओं के लिए

नहीं अबला
करती हर काम
नारी सबला

गलत बात
दर मत लड़की
आवाज उठा